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ये वो गैरजरूरी...

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गर मौत से मुलाकात के इंतजार में हो तो अपने बैंक एकाउंट पर गौर करना देखो जितना भी रुपया पड़ा है न ये वो गैरजरूरी अतिरिक्त काम था, जो तुमने किया Going Solo Photograph by Jimmy Chin, National Geographic Determined to finish a new route, superclimber Alex Honnold dangles from an overhang on Oman's Musandam Peninsula. After pushing as far as possible on the rock, a deepwater solo climber simply lets go.

‘अच्छा इंसान’ को ‘सफलता’ से जोड़ता गया

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मां के सहारे चलकर जीना सीखता गया  फिर धीरे-धीरे उनकी उम्मीदों पर सवार होता गया वो कहती रहीं कि इंसान हो ‘अच्छा इंसान’ ही बनना बेटा मैं नामुराद ‘अच्छा इंसान’ को ‘सफलता’ से जोड़ता गया- अजयेंद्र राजन  The Pilgrim Bride Photograph by  Shahnewaz Karim , National Geographic Your Shot   "A newlywed bride waits for her husband before boarding the special train in Kamlapur Railway Station in Dhaka, Bangladesh," writes Your Shot contributor Shahnewaz Karim of this picture chosen for publication in the Spontaneous Adventure  assignment. "The  mehendi  in her hand is still showing as the light seeps through the roof and the people 'seated' there for the journey. This pilgrimage home is to enjoy the Eid festival with family."

फिर भी ये हौसला...

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उधार की नौबत पर आ गया हूं फिर भी ये हौसला खत्म नहीं होता एक नजर में सबकुछ हार चुका हूं फिर भी ये हौसला खत्म नहीं होता दांव पर लगाए कॅरियर को हारता देखा रहा हूं फिर भी ये हौसला खत्म नहीं होता जिंदगी के अंधेरे रास्तों की तरफ बढ़ चला हूं फिर भी ये हौसला खत्म नहीं होता क्या होगा आगे की सोच-सोच के परेशान हूं फिर भी ये हौसला खत्म नहीं होता चिंतित हूं कि बच्चों की पढ़ाई, लोन और घर कैसे चलेगा फिर भी ये हौसला खत्म नहीं होता और तो और अब तो हौसले पर भी शक हो चला है रोज एक बार सोचता हूं मेरा ये हौसला कहीं घमंड तो नहीं फिर भी ये हौसला खत्म नहीं होता

हर पल को तो ऑनलाइन कर रहा हूं मैं

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हर पल को तो ऑनलाइन कर रहा हूं मैं खत लिखता था, ईमेल कर रहा हूं मैं रेडियो पर गाने सुनता था कभी यूट्यूब पर लाइव मजे ले रहा हूं मैं किराए के वीसीआर की वो रातें खत्म हुईं टोरेंट से ही मूवी देख ले रहा हूं मैं ऑनलाइन की और क्या कहानी सुनाऊं तुम्हें सुबह का अखबार भी वहीं पढ़ रहा हूं मैं तुम कहती हो प्यार नहीं करता तुमसे देखो कितनों को फेसबुक पर दिल बांट रहा हूं मैं एक तुम्हीं तो थी जो समझती थी मुझे अपने ब्लॉग पर भी ये दु:ख बांट रहा हूं मैं कहती हो, मुझे कुछ महसूस नहीं होता क्या इसके बिना ही जिंदगी ऑनलाइन कर रहा हूं मैं