कहीं न कहीं तानाशाही रवैये की बू आती है!
पुच्चू- और भाई क्या हाल है, आज बड़ा गमगीन से लग रहे, सब ठीक तो है। चुन्नू- नहीं भाई सब ठीक है, बस एक खबर में परेशान कर दिया है, बिहार के समस्तीपुर में एक युवक की आपसी रंजिश में कुछ लोगों ने जानवरों जैसा बर्ताव करते हुए उसे चाकुओं से गोद डाला, यही नहीं उसके चेहरे का मांस उतार लिया और दोनों आंखें फोड़ डालीं। ये क्या है, यार खबर पढ़कर दिल तड़प सा गया। पुच्चू- जाने दो यार, ये हमारे समाज की ऐसी बुराई है जिसे दूर करना असंभव है, हम इंसान कब जानवर बन जाएं कुछ पता है क्या। चुन्नू- उन लोगों ने ये भी नहीं सोचा कि उस युवक से जुड़ा हर सदस्य आज प्रतिशोध की भावना में जी रहा होगा, उसकी तो जिंदगी बर्बाद हो ही गई। हम पुलिस को दोष जरूर दे देंगे लेकिन सच ये है कि हम जानवर ही हैं। कोई सरकार या कोई पुलिस इसे नहीं रोक सकती। कभी-कभी तो लगता है कि तानाशाही देश में आ जाए तो ही बेहतर। पुच्चू- वो तो आती दिख रही है भाई। चुन्नू- अमां, कहां आ रही है। पुच्चू- बोलने से पहले मैं ये जरूर बता दूं कि मैं किसी भी दल विशेष से संबंध नहीं रखता, नहीं तो खाली-पीली तुम मुझ पर पिल पड़ोगे। पुच्चू- मैं दरअसल बात ...