नमाजियों कि भीड़ में खड़ी इस हमले कि शिकार कार देख रहे हैं ये बता रहा है मेरे जज्बे को कि तुम एक सर कलम करोगे हम सैकड़ों सर झुका देंगे किसी के लिए धमाका तो किसी के लिए नज़ारा है ये और हम कहते हैं वो इंसान बहुत बुरा है क्या सोचा है कभी किसी के लिए वो अच्चा भी होगा तो फिर से गौर कर उन परिस्थितियों पे जिन्होंने उस इंसान को तेरी नज़र में बुरा बना दिया ये भी सही है कि इंसान हर किसी के लिए सिर्फ अच्चा नहीं हो सकता किसी झील में शाम को खींची गयी ये फोटो कितनी खूबसूरत है दिनभर से एक मछली नहीं पकड़ सका हूँ शाम ढलने को है, आज की रात फिर भूखी होगी तमन्ना फिर बदल जाये अगर तुम, मिलने आ जाओ ये मौसम भी बदल जाये, अगर तुम मिलने आ जाओ