-------------------------------------------- तुम दूर खडे देखा ही किये और डूबने वाला डूब गया तुम लज्ज़ते दरिया क्या जानो तुम दिल का धरकना क्या जानो --------------------------- इस शानदार बारिश से भी बचने के लिए सिमटे जा रहे हो हर खुशी से शायद ऐसे ही बच निकलते होगे एक लहर के इंतजार में दिन डूब गया, पर फिर भी डटा हूं और तुम कहते हो सफलता का इंतजार करते-करते थक गया हूं ------------------------------------------------------ तेज लहरों से लड़ो तूफानों से टकराओ साहिल पे खड़े होके मंजिल नहीं मिलती -------------------------------- दो पल बैठ लें जरा फिर तो रेस शुरू हो जाएगी दो पल सोच लो जरा, फिर तो जिंदगी खत्म हो जाएगी जीत की इस कोशिश के बाद भी मुझे हार मिले तो गम नहीं कम से कम मैंने जीतने की कोशिश तो की अगर कोशिश ही न करता तो हार तो तय थी