पानी-पानी रे, नयनों में भर जा
जरा सी चूक और जान बह जाएगी पानी में
अरे इसी का नाम तो जिंदगी है
जितना ज्यादा रिस्क उतना ज्यादा मज़ा, क्यों है न!!!
मुझे तो बस यही दिख रहा है
की ख़ुद पे विश्वास हो तो
इस उफनाते समुद्र से भी मज़ा लेकर गुजरा जा सकता है
भाई को देखो चढ़ता चला जा रहा है
उसको तैरना आता है पर फ़िर भी वो पानी के उपर से छलांग लगा रहा है
इसलिए कहता हूँ हर बात पे काबिलियत नही दिखानी चाहिए
कभी-कभी ख़ुद को बचाना भी जरूरी होता है

इसलिए कहता हूँ हर बात पे काबिलियत नही दिखानी चाहिए
कभी-कभी ख़ुद को बचाना भी जरूरी होता है

जो मौत लगते हैं तुझे ,
जिन्हे अपने से ज्यादा काबिल मानता है तू,
जरा उनके kareeb जा के देख
उनके भी तुम्हारी ही तरह aansu aatey होंगे
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