हम ही हम हैं तो क्या हम हैं








चमन में इख्तिलात-ए-रंगोबू से बात बनती है
हम ही हम हैं तो क्या हम हैं
तुम ही तुम हो तो क्या तुम हो


Comments

kshama said…
Wah! Kya baat kahee hai!

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